मंगलवार, 8 नवंबर 2011

औरंगाबाद में आज की ताजा खबरे (७ नवम्बर )

मेले से किसान लाभ उठाएं


मदनपुर (औरंगाबाद),  :
 नव सृजित राजकीय प्राथमिक विद्यालय दधपी परिसर में सोमवार को इफको द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला कृषि पदाधिकारी शिलाजीत सिंह ने किसानों को खेती के तरीके बताए। कहा कि किसानों के लिए कृषि मेला लगाया जा रहा है। मेला से किसान लाभ उठाएं। अध्यक्षता उपप्रमुख रमेन्द्र कुमार सिंह एवं संचालन क्षेत्रीय प्रबंधक सोमेश्वर सिंह ने किया। कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डा. राजीव कुमार सिंह ने वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के गुर सिखाए। गेहूं के अलावा दलहन एवं तेलहन की खेती पर विस्तार पूर्वक चर्चा की। खेती में बरमी कम्पोस्ट एवं जैविक खाद के प्रयोग पर बल दिया। धन्यवाद ज्ञापन पैक्स अध्यक्ष अमरेन्द्र कुमार ने किया। मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक गया के एसपी सिंह, उप क्षेत्र प्रबंधक विनय कुमार सिंह, पंचायत समिति सदस्य युगेश प्रसाद वर्मा, रतनेश कुमार, पूर्व पैक्स अध्यक्ष हरेन्द्र कुमार, कुणाल प्रसाद, जदयू नेता रंजन कुमार, विषय वस्तु विशेषज्ञ समेत किसान उपस्थित थे।


खूनी संघर्ष मामले में 32 बने नामजद


औरंगाबाद,  :
सोमवार को जमीन को लेकर परसा गांव में हुए खूनी संघर्ष में दोनों ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। थानाध्यक्ष कामेश्वर सिंह ने बताया कि दर्ज प्राथमिकी में 32 नामजद अभियुक्त बने हैं। परसा गांव निवासी संतोष कुमार सिंह द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में करमा भगवान गांव निवासी पूर्व जिला पार्षद राणा प्रताप सिंह, समर प्रताप सिंह, सचिन कुमार सिंह, लक्ष्मी प्रताप सिंह, संतोष कुमार सिंह, गोविंद सिंह, नंद सिंह, मनोज कुमार सिंह, प्रमोद सिंह, वृंदा सिंह, सुनील सिंह, अनिल सिंह एवं पिंटू सिंह नामजद अभियुक्त बने है। पुलिस ने भादसं की धारा 307 एवं 27 आ‌र्म्स एक्ट के तहत कांड संख्या 315/11 दर्ज की है। दूसरी प्राथमिकी करमा भगवान के राणा प्रताप सिंह द्वारा दर्ज कराई गई है जिसमें परसा गांव के अशोक कुमार सिंह, गोपाल सिंह, रामजी सिंह, संतोष सिंह, नितेश, रितेश, आनंद, चुनमुन, अमृत राज, राजेन्द्र सिंह, ललिता कुमार सिंह, जयईश्वर सिंह, पिंटू सिंह, डब्बू, बबलू, मंटू, रिंकू एवं भोला अभियुक्त बने हैं। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 12 को गिरफ्तार कर अस्पताल में इलाज करा रही है।


क्या है जमीन विवाद मामला?


औरंगाबाद,  :
परसा गांव के 22 बिघा जमीन को लेकर छिड़ी जंग का मामला पुराना है। जानकार सूत्र बताते हैं कि यह जमीन परसा गांव निवासी जनार्दन सिंह की थी। जनार्दन सिंह को कोई संतान नहीं था जिस कारण उन्होंने अपनी भगनी सिमरा थाना के अजनिया गांव निवासी कमली देवी को जमीन दे दी। कमली के पति रामएकबाल सिंह कोल फिल्ड में काम करते थे। नौकरी के दौरान ही उनकी मौत हो गई। पति के मौत के बाद कमली ने नौकरी की परंतु उसकी भी मृत्यु हो गई। कमली के पुत्र सुधीर कुमार से करमा भगवान गांव के उदय नारायण सिंह एवं वृंदा सिंह ने 17 बिघा जमीन लिखवा ली। इस जमीन पर परसा गांव निवासी शालिकग्राम सिंह उर्फ चमरु सिंह के परिजनों का कब्जा है। कब्जा को लेकर ही सोमवार को खूनी संघर्ष हुआ जिसमें दोनों तरफ से 12 घायल हुए।


ईद-उल-जोहा पर रही गहमागहमी


औरंगाबाद,  :
दरिया में बहा दो रंजिश, अब अमन की कुछ बात हो, मेरे देश में खुशहाली हो, बस इत्मीनान से एक मुलाकात हो। इसी जुमले के साथ सोमवार को समर्पण और बलिदान का प्रतीक ईद-उल़-जोहा (बकरीद) मनाया गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईदगाह एवं मस्जिद में नमाज अदा करने के बाद एक दूसरे से गले मिल बधाई दी। अपने पारंपरिक लिबास में लोग एक दूसरे से मिले।
बकरीद पर मुसलमान भाईयों ने बकरे की कुर्बानी दी। शहर के पठानटोली, कुरैशी मोहल्ला, टिकरी रोड, अलीनगर, इस्लाम टोली, शाहगंज, नावाडीह रोड में बकरीद को ले पूरे दिन उत्सव सा माहौल रहा। पठान टोली के खान इमरोज ने बताया कि यह पर्व अल्लाह के लिये अपने चहेते की कुर्बानी करने के उपलक्ष्य में मनायी जाती है। वैसे ईद-उल़-जोहा पर्व की दूसरी विशेषता यह है कि सिर्फ इसी ईद पर साल में एक बार मक्का शरीफ में हज होता है जहां दुनियां भर के मुसलमान दूर-दराज का सफर तय कर एक जगह जमा हो इस्लाम के एकरहम फरीजे को याद करते है।
बकरीद पर बच्चों ने एक दूसरे को गले मिल बधाई दी। जामा मस्जिद के पास नमाज के समय सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। कई जगहों पर दंडाधिकारी के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई थी। टड़वां गांव में आफताब खान उर्फ गांधी खान के घर लोगों का हुजूम जुटा और सभी ने एक दूसरे को बधाई दी। राजद के सुबोध कुमार सिंह, नेहाल खान, मुरारी प्रसाद उपस्थित रहे। ओबरा संवाददाता के अनुसार बकरीद पर मुस्लिम भाईयों ने ओबरा मस्जिद एवं इमामबाड़ा में नमाज अदा की। मनोरा दरगाह, कारा मस्जिद में नमाजियों की भीड़ रही। मो. इरफानुल हक, मो. मुस्तफा ने बताया कि हजारों वर्ष पूर्व हजरत इब्राहिम सलाम ने अपने बेटे की कुर्बानी देने लगे तो वहां फरिश्ते ने दुमा को बैठा दिया। उसी दिन से कुर्बानी में बकरों की बली दी जाती है।
थानाध्यक्ष असगर इमाम ने सभी को बकरीद की बधाई दी। पूर्व मुखिया शंभू प्रसाद, अनिल मालाकार, गुडडू कुमार, अभिमन्यू शर्मा, सुरेश पासवान, इरफानुल हक, मो. मुख्तार, सत्येन्द्र कुमार, अरविंद शर्मा उपस्थित रहे। मदनपुर संवाददाता के अनुसार खुशी, प्रेम व भाईचारा का प्रतीक पर्व बकरीद शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया। रफीगंज संवाददाता के अनुसार सोमवार को जामा मस्जिद, मदीना मस्जिद एवं चरकावां ईदगाह में बकरीद का नमाज अदा किया गया। नमाज के बाद लोगों ने एक दूसरे को बधाई दी।
गोह एवं हसपुरा संवाददाता के अनुसार कुर्बानी का पर्व बकरीद प्रखंड मुख्यालय एवं गांवों में शांतिपूर्ण संपन्न हो गया। शांति, समृद्धि और बलिदान के लिए मानवता और भाईचारा के प्रतीक गोह, जैतिया, मीरपुर, देवहरा, बेला, उपहारा, डंडवा, प्राणपुर एवं महदीपुर के मस्जिदों में सामूहिक नमाज अदा की गई।


कनाप में हटाया गया अतिक्रमण


दाउदनगर (औरंगाबाद),  :
 उच्च न्यायालय के आदेश पर रविवार को दाउदनगर प्रखंड के कनाप गांव से अतिक्रमण हटाया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच एसडीओ कमल नयन, डीएसपी मो. अजहर ने अतिक्रमण हटाया। ग्रामीणों के विरोध के कारण अतिक्रमण हटाने में अधिकारियों को पसीना छूटे। अतिक्रमण हटाने जैसे ही अधिकारी गांव पहुंचे ग्रामीणों ने नारेबाजी करनी शुरू कर दी। कहा कि जाड़े के इस मौसम में कहां रहेंगे। मेरे पास न कोई जमीन है और न मकान। अधिकांश महादलित परिवार के लोग थे जिस कारण अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने में परेशानी झेलनी पड़ी। ग्रामीणों के विरोध का अंदाजा अधिकारियों को थी जिस कारण पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। बताया जाता है कि दाउदनगर अनुमंडल के सभी थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ कनाप गांव में जमे थे। डीएसपी के अनुसार कुछ घरों को तोड़ा गया है। विरोध के कारण अतिक्रमण हटाने में परेशानी हुई। बताया जाता है कि जिस समय अधिकारी अतिक्रमण हटाने को सख्त हुए तो ग्रामीण रोने और चिल्लाने लगे। डीएसपी के अनुसार कुछ अतिक्रमण बाद में हटाया जाएगा। बहरहाल अतिक्रमण हटाने को ले कनाप गांव में तनाव व्याप्त है। बताया जाता है कि गांव के ही किसी व्यक्ति ने अतिक्रमण हटाने के लिए उच्च न्यायालय में अर्जी दाखिल किया था जिस पर न्यायालय ने यह आदेश दिए।

लगते ही सूख गए मनरेगा के पौधे

ओबरा (औरंगाबाद),  :
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में मनरेगा के तहत लगाए गए वृक्ष सूख रहे हैं। देखरेख के अभाव में पौधे सूखते जा रहे हैं। अस्पताल कर्मियों ने बताया कि अभिकर्ता स्थानीय मुखिया कांति देवी एवं रोजगार सेवक फैज अहमद ने वृक्षारोपण कार्य बगैर अनुमति एवं बेवजह जगहों पर किया था। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एलएस दूबे एवं स्वास्थ्य प्रबंधक विकास शंकर ने बताया कि वृक्षारोपण चहारदीवारी के किनारे करने की इजाजत दी गई थी परंतु ऐसा नहीं किया गया। डा. सुरेन्द्र तिवारी ने कहा कि अस्पताल परिसर में लगाए गए मनरेगा के वृक्ष वैसे जगहों पर लगाए गए हैं जहां शिविर लगाए जाते हैं। ओबरा निवासी दीपक कुमार सौंडिक ने बताया कि 1 लाख 54 रुपए वृक्षारोपण पर खर्च किए गए। पैसे का दुरुपयोग किया गया है। एक अस्पताल कर्मी ने नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि पौधों में पानी नहीं डाली जाती है। पूछे जाने पर पीओ संजय कुमार ने बताया कि जांचोपरांत अभिकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बताया कि 200 वृक्ष लगाया गया है। तीन वर्षो में किस्तों में राशि दी जाएगी। पेड़ों की देखभाल के लिए वन पोषक की नियुक्ति की गई है।








कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें